जिले की सभी सीमाएं बंद, कलेक्टर ने जारी किया ये नया आदेश

दुर्ग। कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने गंभीर कदम उठाए हैं। इसके तहत आज से दुर्ग जिले की सारी सीमाएं सील कर दी गई हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 1-26/2020/17-1, दिनांक13.3.2020 के अंतर्गत तद्संबंध में आदेश प्रसारित किए गए हैं। महामारी रोग अधिनियम, 1897 के संदर्भ में शासन द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 1-26/2020/17-1, दिनांक 13.3.2020 के अंतर्गत दिए गए शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला दुर्ग के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत संक्रमण से बचाव एवं स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु दिनांक 31.03.2020 रात्रि 12.00 बजे तक पूर्णतया तालाबंदी (लाॅकडाउन) की जाती है एवं इस क्रम में दुर्ग जिले के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत निम्नांकित गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से 31 मार्च रात्रि 12.00 बजे तक रोक लगाई जाती है।
- जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। सभी पदाधिकारी तथा कर्मी अपने घर से सरकारी कार्यो का निष्पादन करेंगे, परन्तु वे मुख्यालय का परित्याग नहीं करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय प्रमुख उन्हें कार्यालय मंे बुला सकेंगे।
- जिले में समस्त सार्वजनिक परिवहन सेवायें, जिसमें निजी बसें, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, बसें, ई-रिक्शा इत्यादि भी शामिल हैं के परिचालन को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। केवल इमरजेंसी मेडिकल सेवा वाले व्यक्तियों को वाहन द्वारा आवागमन की अनुमति रहेगी।
- ऐसी निजी वाहन जो इस आदेश के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं के उत्पादन एवं उनके परिवहन का कार्य कर रहे हों, उन्हें भी अपवादिक स्थिति में तात्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए परिवहन की छूट रहेगी।
- आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के आवागमन को छोड़कर जिले के सभी सीमाओं को एतद् द्वारा सील किया जाता है। किसी भी माध्यम से जिले में बाहरी लोगों के आवागमन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है। अन्तर जिला बस के परिवहन को भी तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है।
- सभी दूकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय, फैक्ट्री, गोदाम, साप्ताहिक हाट-बाजार आदि अपनी सम्पूर्ण गतिविधियों को बंद रखेंगी। जिले के अंतर्गत स्थित औद्योगिक/व्यापारिक संस्थानों को निम्न परिस्थितियों के अंतर्गत छूट रहेगी, ऐसी औद्योगिक इकाईयों जो दवाईयों के उत्पादन एवं निर्माण से संबंधित हैं उनको इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
- ऐसी इकाईयों जो आवश्यक वस्तुओं जैसे- खाद्य एवं खाद्य से संबंधित पदार्थो, डेयरी यूनिट इत्यादि से संबंधित है, उन्हें भी इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। ऐसी इकाईयों जिन्हें उक्त प्रतिबंध से छूट प्रदान की जा रही है उनके लिए आवश्यक होगा कि वे न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारियों/अधिकारियों को उपयोग करेंगी एवं संक्रमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा हेतु दिए जा रहे निर्देशों को अक्षरशः पालन अनिवार्य रूप से करेंगी।
- विदेश से आने वाले सभी नागरिक/अन्य राज्यों से आए हुए नागरिक जो होम क्वारेंटाइन की निगरानी में रखे गए हैं, उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्धारित क्वारेंटाइन की अवधि का कड़ाई से पालन करेंगे। इसमें किसी प्रकार की चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत कार्यवाही की जावेगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेंगे। किसी भी स्थिति में एक से अधिक व्यक्तियों (इसमें ड्रायवर भी शामिल है) को घर से बाहर जाने से प्रतिबंधित किया जाता है। घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यतः अपना वैध पहचान पत्र साथ में रखना होगा।
- आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले निम्नलिखित कार्यालय/प्रतिष्ठान को उपरोक्त प्रतिबंधों से बाहर रखा जाता है-आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर/ग्रामीण) कोषालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं चैंकी। ये सभी कार्यालय आम जनता के लिए बंद रहेंगे। एवं उनके अधीनस्थ समस्थ कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं चैंकी। ये सभी कार्यालय आम जनता के लिए बंद रहेंगे।
- दुर्ग जिले के सीमा क्षेत्र में स्थित समस्त शासकीय एवं अशासकीय बैंकों के लिए निर्देश जारी, सभी बैंक अपने संस्थान में न्यूनतम अनिवार्य आवश्यकता तक ही कर्मचारियों/अधिकारियों का उपयोग करेंगे एवं संक्रमण विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार, राज्य शासन तथा समय-समय पर अन्य संस्थानों के द्वारा महामारी से सुरक्षा हेतु दिए जा रहे निर्देशों को अक्षरशः पालन अनिवार्य रूप से करेंगे। सभी बैंक अपने संस्थान में एक समय में अधिकतम पांच ग्राहकों को ही प्रवेश देंगे। बैंक द्वारा संचालित ए.टी.एम. में पर्याप्त मात्रा में मुद्रा की उपलब्धता बैंक प्रबंधन द्वारा सुनिश्चित की जावेगी।
- निजी प्रतिष्ठान, जो कंडिका - स. में वर्णित गतिविधियों के लिए वांछनीय है एवं कोविड - 19 के रोकथाम के प्रयासों से संबंधित है, खुले रहेगें। ऐसे सभी प्रतिष्ठान निर्धारित स्वास्थ्य मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। अगर किसी व्यक्ति को अपरिवार्य स्थिति मंे जिले से बाहर जाना आवश्यक हो या बाहर से जिले में प्रवेश करना आवश्यक हो तो संबंधित थाना क्षेत्र से निर्धारित फार्मेट में आवेदन जमा करने पर अनुमति दी जा सकेगी।
- उपर्युक्त आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान, भारतीय दंड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत दण्डनीय होंगे। उपर्युक्त आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान होने पर जिला दण्डाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा।
- महामारी रोग अधिनियम, 1897 एवं इसके सन्दर्भ में शासन द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 1-26/2020/17-1, दिनांक 13.3.2020 के सन्दर्भ में इस कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी समस्त आदेशों को अधिक्रमित करते हुए यह आदेश जारी किया जा रहा है।
- कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए कार्यालयीन आदेश क्रमांक 2863/प्र.जि.म./2020 दुर्ग, दिनांक 19.3.2020, आदेश क्रमांक 7892/प्र.जि.म./2020, दुर्ग, दिनांक 22.03.2020 एवं आदेश क्रमांक 2912/प्र.जि.म./2020 दुर्ग दिनांक 23.3.2020 द्वारा सम्पूर्ण दुर्ग जिले के लिए धारा 144(1) लगाई गई थी, आदेशों को इस आदेश के साथ पढ़ा जाए।